April 15, 2021

टाटा कंपनी का मालिक कौन है और ये किस देश की कंपनी है?

टाटा नाम छोटा है, लेकिन इसका कार्य बहुत बड़ा है। आज ऐसा ही कोई होगा जो टाटा कंपनी के बारे में नहीं जानता हो। टाटा कंपनी कई क्षेत्रों में अपना कार्य कर रही हैं। इस कंपनी की साखाये दुनिया के कई देशो में फैली हुई है। ये हमारे देश की पुरानी कंपनीयो में से एक है। आज आप हमारे इस आर्टिकल के जरिये जानेंगे की टाटा कंपनी का मालिक कौन है और ये किस देश की कंपनी है?

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टाटा का मालिक कौन है?

Tata Company ke malik kaun hai
Jamsetji Tata

टाटा कंपनी की स्थापना करने वाले जमशेतजी टाटा (Jamsetji Tata) थे। उनका जन्म 3 मार्च 1839 को गुजरात में हुआ था। साल 1858 उन्होंने अपनी पढाई पूरी की और अपने पिता के बिजनेस को संभालने का काम शुरू किआ। जमशेतजी टाटा ने अपने जीवन में चार लक्ष्य बनाये थे। वो पहले स्टील और लोह की कंपनी खोलना चाहते थे, उनका दूसरा लक्ष्य था भारत में वर्ल्डक्लास इंस्टीटूशन स्थापित करना। उनका तीसरा और चौथा लक्ष्य एक होटल बनाना और एक हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्लांट की स्थापित करने का था।

इन चारो लक्ष्य में से वो केवल अपना एक ही लक्ष्य पूरा कर सके और वो था ताजमहल होटल बनाना और उनके बाकि लक्ष्य उनकी आने वाली पीढ़ियोने पूरा किआ जिसके बारे में आप आगे जानंगे। जमशेतजी टाटा अपने सभी लक्ष्य तो पुरे नहीं कर पाएं, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर काम करना चालू कर दिया था। लेकिन 19 मई 1904 को उनकी मृत्यु हो गयी।

टाटा के नए मालिक

जमशेतजी टाटा के बाद टाटा कंपनी के नए मालिक उनके बेटे दोराब जी टाटा बने। उन्होंने अपने पिता द्वारा शुरू की गयी कंपनीयोन पर काम करना जारी रखा, ताकि वो अपने पिता का जो सपना था। उसे पूरा कर सके। इसीलिए उन्होंने इन कंपनीयोन को सफल बनाने में काफी महेनत की।

उनके पिता का सपना था की वो एक इंस्टिट्यूट स्थापित करे और इस सपने को उनके बेटे ने पूरा कर दिखाया। दोराब जी टाटा ने सं 1911 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सायन्स शुरू किआ। इस इंस्टिट्यूट को चालू करने के जमशेतजी टाटा ने 30 लाख रुपए का दान दिया था, लेकिन वो इसे शुरू होते हुए नहीं देख पाएं।

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उसके बाद दोराब जी टाटा ने पिता द्वारा शुरू किये हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्लांट को पूरा किआ और उसके बाद टाटा आयरन और स्टील पर भी उन्होंने काम करना चालू कर दिया। जिसे आज हम टाउनशिप को जमशेदपुर के नाम से जानते है। इस तरह जमशेतजी टाटा ने जो सपने देखे थे, उन्हें उनके बेटे ने पुरे कर दिखाए।

साल 1938 में दोराब जी टाटा ने टाटा ग्रुप का चेयरमैन पद छोड़ा, उनके बाद जेआरडी टाटा (JRD Tata) नए चैयरमेन पद के लिए चुने गए। तब उनकी उम्र 34 साल थी और टाटा ग्रुप में कुल 14 कंपनियां शामिल थी। जेआरडी टाटा ने टाटा एयरलाइन की शुरू की थी, लेकिन इसका कंट्रोल भारत सरकारने ले लिया और उसका नाम बदल के एयर इंडिया कर दिया गया। लेकिन उसके चेयरमैन जेआरडी टाटा को ही रखा गया था।

साल 1977 में भारत के प्रधनमंत्री मोरारजी देसाई ने एयर इंडिया के चेयरमैन पद से जेआरडी टाटा को हटा दिया। जब जेआरडी टाटा टाटा ग्रुप के चेयरमैन थे, तब टाटा ग्रुप में 14 कंपनियां थी, लेकिन साल 1991 में जब उन्होंने टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद को छोड़ा था, तब तक टाटा ग्रुप में 95 कंपनियां हो चुकी थी।

टाटा के नए चेयरमैन कौन है?

साल 1991 को जब जेआरडी टाटा ने टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद को छोड़ा था, तब उनके द्वारा रतन टाटा को टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन रूप में चुना था। उसके बाद टाटा ग्रुप और तेजी से बढ़ने लगा।

22 साल तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहने के बाद उन्होंने 28 दिसंबर 2012 को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। उनके बाद टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन Cyrus Mistry को बनाया गया, लेकिन उनको भी चेयरमैन पद से हटा दिया गया। अभी की बात करे तो टाटा ग्रुप के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन है। जिन्हे साल 2017 को टाटा ग्रुप का चेयरमैन बनाया गया था।

टाटा किस देश की कंपनी है?

टाटा ग्रुप के मालिक जमशेतजी टाटा भारत के थे और इस कंपनी का मुख्यलय भारत के मुंबई शहर के बॉम्बे हाउस में है। इसीलिए टाटा कंपनी भारत देश की कंपनी है।

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